Gold And Silver Prices: कुछ दिनों में सोना और चांदी ने रिकॉर्ड ऊँचाईयाँ छुईं, लेकिन शुक्रवार को मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर इनके भाव में अचानक गिरावट देखी गई। बाजार विशेषज्ञ अनिल सिंघवी के अनुसार, यह गिरावट मुख्य रूप से लाभ बुकिंग और बाजार में असाधारण उतार-चढ़ाव का परिणाम है, न कि किसी बड़े नकारात्मक कारण का।
सोने के फरवरी फ्यूचर्स 5 फरवरी को ₹1,56,300 पर कारोबार कर रहे थे, जो कि ₹13,103 यानी 7.73 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। वहीं, चांदी के मार्च फ्यूचर्स ₹3,39,910 पर थे, जो कि ₹59,983 यानी 15 प्रतिशत कम हो गए।
रिकॉर्ड ऊँचाई के बाद उतार-चढ़ाव
अनिल सिंघवी के अनुसार, सोना और चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट को केवल रिकॉर्ड ऊँचाई के बाद होने वाली अत्यधिक उतार-चढ़ाव की प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई बड़े आर्थिक या राजनीतिक कारण से नहीं हुआ, बल्कि तकनीकी सुधार (technical correction) की स्थिति है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने की कीमतों में तेज बदलाव देखे गए। एक ही सत्र में सोने की कीमत लगभग $500 गिर गई, फिर काफी हद तक रिकवरी भी की। भारतीय बाजार में भी सोने ने नया रिकॉर्ड स्तर छुआ, फिर इंट्राडे गिरावट के बाद फिर से लगभग रिकॉर्ड स्तर पर ट्रेड किया।
चांदी में भी वैश्विक और घरेलू बाजारों में इसी तरह की भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिली। चांदी ने एक रिकॉर्ड उच्च स्तर छुआ, फिर लगभग ₹65,000 की गिरावट के बाद वापस उछाल देखा।
तकनीकी सुधार, कोई बड़ा ट्रिगर नहीं
अनिल सिंघवी ने कहा, “इस तेज गिरावट के पीछे कोई मूलभूत (fundamental) कारण नहीं था। यह पूरी तरह से तकनीकी सुधार था, जो लगातार बढ़ते रैली के बाद आया।”
उन्होंने बताया कि सीमित समय में कीमतों में तेज वृद्धि ने निवेशकों में बेचैनी पैदा कर दी। जो लोग बढ़ोतरी पर दांव लगा रहे थे, वे अचानक गिरावट से डर रहे थे, और जो गिरावट पर दांव लगा रहे थे, वे तेज रिकवरी से आशंकित थे।
इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष के चयन, भू-राजनीतिक घटनाओं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने अस्थिरता बढ़ाई, लेकिन इनमें से कोई भी अकेले इतनी बड़ी इंट्राडे मूवमेंट को स्पष्ट नहीं कर सकता।
निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए सावधानी
अनिल सिंघवी ने निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इतनी तेज़ी से बदलते बाजार में शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग कठिन हो जाती है। अचानक कीमतों में उतार-चढ़ाव स्टॉप लॉस और मार्जिन कॉल को तुरंत ट्रिगर कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि लगातार बढ़ते बाजार के बाद अक्सर तेज गिरावट देखी जाती है क्योंकि ट्रेडर्स अपने लाभ को सुरक्षित करना चाहते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि सोना और चांदी का दीर्घकालिक रुझान बदल गया है।
अनिल सिंघवी ने निवेशकों से आग्रह किया कि वे अत्यधिक उतार-चढ़ाव के समय आक्रामक निवेश न करें। उन्होंने चेताया कि त्वरित लाभ के चक्कर में निवेश करने से भारी नुकसान हो सकता है। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग सिस्टम अचानक मूल्य में गिरावट पर स्वतः ही पोजिशन को बंद कर सकता है।
लंबी अवधि के दृष्टिकोण से बाजार
विशेषज्ञ के अनुसार, हालिया गिरावट केवल लाभ बुकिंग और तकनीकी सुधार है, और इसे दीर्घकालिक निवेश के नजरिए से डरने वाली घटना नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निवेशकों को धैर्य रखना चाहिए और बाजार के स्थिर होने तक नए निवेश करने से बचना चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सोना और चांदी जैसी धातुओं में निवेश के दौरान जोखिम प्रबंधन (risk management) पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। अत्यधिक अस्थिर समय में अधिक जोखिम लेना वित्तीय नुकसान का कारण बन सकता है।
निष्कर्ष
सोना और चांदी की हालिया गिरावट ने बाजार में अस्थिरता और अनिश्चितता को उजागर किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट किसी बड़े आर्थिक संकट या वैश्विक घटना का संकेत नहीं है, बल्कि तकनीकी सुधार और लाभ बुकिंग का परिणाम है।
निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि वे संयम बनाए रखें, जोखिम को समझें और अस्थिर समय में जल्दबाजी में निवेश करने से बचें। बाजार का दीर्घकालिक रुझान अभी भी स्थिर प्रतीत होता है, और फिलहाल उतार-चढ़ाव को अवसर और चेतावनी दोनों के रूप में देखा जा सकता है।
FAQs
1. सोने और चांदी की कीमतें अचानक क्यों गिरीं?
यह गिरावट मुख्य रूप से लाभ बुकिंग और रिकॉर्ड ऊँचाई के बाद तकनीकी सुधार (technical correction) के कारण हुई है, न कि किसी बड़े आर्थिक कारण से।
2. क्या यह गिरावट लंबी अवधि के रुझान को प्रभावित करती है?
नहीं, विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल अस्थायी उतार-चढ़ाव है। दीर्घकालिक रुझान पर इसका कोई बड़ा असर नहीं है।
3. निवेशकों को इस समय क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
अत्यधिक उतार-चढ़ाव के समय आक्रामक निवेश से बचना चाहिए। जोखिम प्रबंधन और संयम बरतना महत्वपूर्ण है।
4. क्या अंतरराष्ट्रीय बाजारों का प्रभाव भी देखा गया?
हाँ, वैश्विक बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिससे घरेलू बाजार पर भी असर पड़ा।
5. क्या अभी सोने या चांदी में निवेश करना सुरक्षित है?
विशेषज्ञों का कहना है कि अस्थिर समय में जल्दबाजी में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। बेहतर होगा कि बाजार स्थिर होने तक इंतजार किया जाए।