Silver Rate Down Today: बाजार खुलते ही टूटी चांदी, जानें आज का ताज़ा रेट

By: James

On: Tuesday, February 3, 2026 7:07 AM

Silver Rate Down Today: बाजार खुलते ही टूटी चांदी, जानें आज का ताज़ा रेट

Silver Rate Down Today: बीते कुछ दिनों से कीमती धातुओं के बाजार में जो हलचल चल रही थी, वह रविवार को अपने चरम पर पहुंच गई। पिछले सप्ताह आई तेज गिरावट के बाद रविवार को एक बार फिर सोना और चांदी की कीमतों में ऐसा जोरदार क्रैश देखने को मिला, जिसने निवेशकों को पूरी तरह चौंका दिया। आमतौर पर रविवार को कमोडिटी बाजार बंद रहता है, लेकिन इस बार केंद्रीय बजट 2026-27 के कारण एमसीएक्स पर ट्रेडिंग जारी रही। बाजार खुलते ही हालात बिगड़ते नजर आए और ओपनिंग के साथ ही सोना-चांदी दोनों धड़ाम हो गए। खासकर चांदी में आई गिरावट ने बाजार में हड़कंप मचा दिया, क्योंकि कुछ ही घंटों में 1 किलो चांदी की कीमत करीब 27,000 रुपये तक टूट गई।

इस अचानक आई गिरावट से निवेशकों का भरोसा बुरी तरह डगमगा गया। जिन लोगों ने ऊंचे स्तर पर खरीदारी की थी, वे अब भारी नुकसान में फंसते नजर आए। वहीं सोना भी इस तूफान से बच नहीं पाया और इसमें भी 13,000 रुपये से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बजट से ठीक पहले वायदा बाजार में सोना और चांदी दोनों में करीब 9 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई, जो अपने आप में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

पिछले सप्ताह से ही कमजोर था बाजार का मूड

अगर पिछले सप्ताह की बात करें तो यह गिरावट अचानक नहीं आई थी, बल्कि इसके संकेत पहले से ही मिलने लगे थे। बीते सप्ताह सोना-चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। एक ही दिन में चांदी लगभग 30 प्रतिशत तक सस्ती हो गई थी, जबकि सोने में भी करीब 17 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। इस तेज गिरावट ने साफ कर दिया था कि बाजार में कुछ बड़ा होने वाला है।

जानकारों का मानना है कि बजट से जुड़ी अनिश्चितता, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत और निवेशकों द्वारा की जा रही मुनाफावसूली के चलते कीमती धातुओं पर लगातार दबाव बना हुआ था। जैसे-जैसे बजट का दिन नजदीक आ रहा था, वैसे-वैसे बाजार में डर का माहौल बढ़ता जा रहा था, जिसका असर रविवार को खुलकर सामने आ गया।

चांदी की गिरावट ने तोड़ दिए सारे रिकॉर्ड

चांदी की बात करें तो इसकी गिरावट सबसे ज्यादा चौंकाने वाली रही। पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सोना और चांदी दोनों में भारी बिकवाली देखने को मिली थी, लेकिन चांदी का मामला सबसे अलग था। गिरावट से ठीक एक दिन पहले गुरुवार को चांदी ने इतिहास रच दिया था। पहली बार चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को पार कर गई थी। 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी 4,20,048 रुपये प्रति किलो के लाइफटाइम हाई पर पहुंची थी, जिससे निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला था।

लेकिन यह खुशी ज्यादा देर टिक नहीं पाई। अगले ही दिन चांदी में जबरदस्त बिकवाली शुरू हो गई और भाव करीब 1.28 लाख रुपये टूटकर 2,91,922 रुपये प्रति किलो पर आ गया। रविवार को बजट वाले दिन हालात और बिगड़ गए। चांदी करीब 9 प्रतिशत या 26,273 रुपये से ज्यादा टूटकर 2,65,652 रुपये प्रति किलो पर आ गई। इतनी बड़ी गिरावट ने यह साफ कर दिया कि चांदी में बना बुलबुला अब फूट चुका है।

सोने का भी नहीं रहा सहारा

जहां एक तरफ चांदी बुरी तरह गिरी, वहीं सोने का हाल भी कुछ बेहतर नहीं रहा। एमसीएक्स पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला 10 ग्राम 24 कैरेट सोना गुरुवार को 1,93,096 रुपये के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गया था। उस समय ऐसा लग रहा था कि सोना लगातार नए रिकॉर्ड बनाएगा, लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने बाजार की पूरी तस्वीर बदल दी।

गुरुवार के बाद सोने में तेज गिरावट शुरू हो गई और एक ही झटके में यह 42,247 रुपये प्रति 10 ग्राम टूटकर 1,50,849 रुपये पर आ गया। रविवार को जैसे ही ट्रेडिंग शुरू हुई, सोने में फिर से जोरदार बिकवाली देखने को मिली। करीब 8.80 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट के साथ 10 ग्राम सोने का भाव 13,711 रुपये टूटकर 1,38,634 रुपये पर आ गया। यह गिरावट उन निवेशकों के लिए बड़ा झटका रही, जो सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं।

क्यों पहले से जताई जा रही थी गिरावट की आशंका?

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार गिरावट की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी। इसकी एक बड़ी वजह यह थी कि बजट रविवार को पेश किया जाना था, जिसके कारण कमोडिटी बाजार में भी ट्रेडिंग जारी रखी गई। आमतौर पर बजट के दिन बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहता है, लेकिन इस बार हालात और भी संवेदनशील थे।

पिछले सप्ताह आई तेज गिरावट ने निवेशकों के सेंटीमेंट को पहले ही कमजोर कर दिया था। ऐसे में यह माना जा रहा था कि बजट वाले दिन निवेशक जोखिम उठाने से बचेंगे और भारी बिकवाली कर सकते हैं। वायदा कारोबार शुरू होते ही यह अनुमान सही साबित होता नजर आया और बाजार में चारों तरफ बिकवाली का दबाव दिखा।

निवेशकों के लिए क्या है आगे का संकेत?

इस भारी गिरावट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आगे क्या किया जाए। जानकारों का कहना है कि फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। बजट के बाद सरकार की नीतियों, टैक्स ढांचे और वैश्विक संकेतों के आधार पर ही सोना-चांदी की आगे की दिशा तय होगी। ऐसे समय में जल्दबाजी में कोई भी बड़ा निवेश करना जोखिम भरा साबित हो सकता है।

विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि निवेशक फिलहाल धैर्य बनाए रखें, बाजार को स्थिर होने दें और साफ संकेत मिलने के बाद ही कोई फैसला लें। सोना और चांदी लंबे समय में सुरक्षित निवेश माने जाते हैं, लेकिन अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से बचने के लिए सही रणनीति बेहद जरूरी है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर कहा जाए तो बजट 2026-27 से पहले सोना-चांदी में आई यह ऐतिहासिक गिरावट बाजार के लिए एक बड़ा संकेत है। चांदी और सोने दोनों में जिस तरह से रिकॉर्ड तेजी के बाद अचानक भारी गिरावट आई है, उसने यह साबित कर दिया है कि बाजार में जोखिम हमेशा बना रहता है। ऐसे में निवेशकों के लिए सबसे जरूरी है कि वे भावनाओं में बहकर फैसला न लें, बल्कि सोच-समझकर और सही जानकारी के साथ निवेश की रणनीति बनाएं।

FAQs

Q. बजट 2026-27 से पहले सोना-चांदी में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?

A. बजट को लेकर अनिश्चितता, वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेत और मुनाफावसूली के कारण सोना-चांदी में भारी बिकवाली देखने को मिली।

Q. रविवार को कमोडिटी बाजार में ट्रेडिंग क्यों हुई?

A. क्योंकि इस बार केंद्रीय बजट रविवार को पेश किया गया, इसलिए एमसीएक्स पर सोना-चांदी की ट्रेडिंग जारी रखी गई।

Q. चांदी की कीमतों में सबसे ज्यादा गिरावट कितनी रही?

A. एक दिन में चांदी करीब 9 प्रतिशत तक टूट गई और 1 किलो चांदी की कीमत 26,000 रुपये से ज्यादा गिर गई।

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